विधानसभा में यह बोलो मत...कर लो ...


 झूठा,मक्कार,ससुर,उल्लू का पठ्ठा,मूर्ख,चोर, बदमाश,निकम्मा,नालायक, बेशर्म..। अरे मुंह काहे बना रहे हैं ...न किसी को कोस नही रहे..। न ही किसी शान में गुस्ताखी ...। अब तो यह उनसे भी दूर होंगे..जिनके आसपास इनका डेरा रहता है । न उन्हें फेंकू बोल सकते और न उन्हें पप्पू जी साहब मप्र विधानसभा में अब इस तरह 1161 ऐसे शब्दों और वाक्यों को छांटा गया है,जिनका उपयोग सदन की छत के नीचे करना मना होगा । यदि उपयोग हुआ तो यह शब्द सदन की कार्यवाही से निकाल बाहर कर दिए जाएंगे । बोले तो यह शब्द अब असंसदीय घोषित हैं । वाह गुरु...लोकतंत्र के मंदिर में बैठकर भ्रष्ट्राचार मचाने से लेकर झूठ पेल लो...चलेगा लेकिन सावधान.. बोलना मना है । ठीक है न..असंसदीय काम शान से कर लो लेकिन कम से कम मुंह से डाकरो तो नही । बधाई साहब ..मप्र की विधानसभा में अब भाषा मर्यादा की गंगा बहेगी..लेकिन उफ्फ़.. नेताओं की करनी...धकाधक दौड़ती रहेगी