जब खाकी रहेगी नशे में तो जनता कैसे होगी होश में ? भोपाल पुलिस पर दाग लगाता यह वीडियो। देखें तो सही...


'खाकी' यह कोई आम कपड़ा नहीं, कोई मामूली  ड्रेस नहीं बल्कि लोगों के विश्वास और कड़े अनुशासन का प्रतीक है।  यह वह वर्दी होती है, जिस पर किसी देश की पूरी कानून व्यवस्था टिकी होती है।  जनता जब कानून का उलंघन करती है तो यही वर्दी उन्हें सही गलत का पाठ पढ़ाती है।  लेकिन क्या होगा अगर यही खाकी अनुशासनहीन हो जाये ? इसे ही कानून की गरिमा न रहे।  कुछ ऐसा ही एक दृश्य मप्र की राजधानी भोपाल में देखने को मिला है।  

यहाँ कानून तोड़ने का काम पुलिस ने  खुद किया है।  अनुशासन की धज्जियाँ उड़ाते ये  महोदय कोई आम कांस्टेबल नहीं बल्कि भोपाल पुलिस में एएसआई(ASI) की कुर्सी पर पदस्थ हैं।  नाम है- मूलचंद मीणा।  लटेरी निवासी मूलचंद मीणा भोपाल में  एएसआई के पद पर हैं। 

जरा देखिए तो वो झलक 


8 अक्टूबर को मूलचंद मीणा शाम करीब 5.35 बजे नशे में चूर होकर भोपाल के  पोलिटेकनिक चौराहें पर अपनी बाइक से एक राहगीर की गाडी में  जा भिड़े । नशे की हालत में होने के साथ साथ इन्होने हेलमेट भी नहीं पहना हुआ था।  जब राजगीर के द्वारा इसका विरोध किया गया तो   एएसआई  मीणा राहगीर के साथ गाली गलौच और मारपीट पर उतर आये।  जिसको लेकर राह  चलते लोगों ने मूलचंद मीणा का विरोध किया।  युवक ने घटना का वीडियो बना लिया, जिसमे एएसआई मीणा नशे की हालत में नजर आ रहे हैं और गाली गलोच कर रहे हैं।  फरयादी ने  वीडियो बनाकर भोपाल डीआईजी और  कलेक्टर से इंसाफ की गुहार लगाई गई। 
मध्यप्रदेश पुलिस का यह व्यवहार  समूचे पुलिस महकमे को बदनाम कर रहा है।  साथ ही पूरी  पुलिस फ़ोर्स पर सवाल खड़े कर रहा है कि अगर पुलिस ही अपनी ड्यूटी पर नशे में रहेगी तो जनता राम भरोसे ठहरेगी ? 
ASI  मूलचंद मीणा का पूर्व रिकॉर्ड भी अच्छा नहीं बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि वे अक्सर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में रहते हैं।