उपवास मे सिर्फ यह खाना

उपवास मे सिर्फ यह खाना

नवरात्रि : नवरात्र मे हम पूरे 9 दिनों तक माँ दुर्गा की उपासना करते हैं और उपवास भी रखते हैं। उपवास रखने का सब का अपना-अपना तरीका होता है । कोई निराहार रहकर सिर्फ रोज़ एक लौंग के सहारे व्रत करता है तो कोई सिर्फ फल- फ्रूट खाकर अपना व्रत पूरा करता है तो वहीं कुछ लोग एक समय भोजन कर उपवास रखते हैं । उपवास हम कैसे भी करें लेकिन उपवास का मतलब भूख रहना बिलकुल नहीं है । व्रत के दौरान हमें अपनी सेहत का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए । तो जानते हैं की कैसे व्रत मे रहें हेल्दी और एनर्जेटिक ।

1 * व्रत मे जूस, लस्सी ,दूघ-दही,मट्ठा, नारियल पानी, नीबू पानी का अधिक से अधिक सेवन करें । और जितना हो सके चाय ,कॉफी ,कोल्डड्रिंक से दूरी बनाए रखें।

2 * थोड़ी -थोड़ी देर मे कुछ न कुछ खाते रहें । खाने मे ताज़े मौसमी फल, मेवे, साबूदाना, और आलू को शामिल करें ।

3 * अगर आप स्वास्थ्य के प्रति भी सजग हैं तो आप उपवास मे सब्जियों का जूस भी ले सकते हैं। सब्जियों का जूस आपको एनर्जी से भर देगा ।

4 *व्रत के दौरान रात मे कुछ भी हैवी खाने से बचें , अगर रात मे भूख लगती है तो आप भुनी मूंगफली या सिंघाड़े के आटे से बनी रोटियाँ दही के साथ ले सकते हैं । ध्यान रहे व्रत मे शरीर मे पोषक तत्वों की कमी न होने पाये नहीं तो आप कमज़ोरी महसूस करेंगे । सेहत की कीमत पर उपवास नहीं करना चाहिए और कहा भी गया है कि" भूखे पेट भजन न होय गोपाला" ।

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नवरात्रि में व्रत लेकिन यह रखें ध्यान

नवरात्रि में व्रत लेकिन यह रखें ध्यान

वैसे तो व्रत करना अपनी श्राद्धधा पर निर्भर करता है और सभी अपनी इच्छा शक्ति के अनुरूप उपवास, पूजा-पाठ आदि करते हैं लेकिन डॉक्टरों के अनुसार एक सूची ऐसी भी है जिन्हें व्रत या उपवास नहीं करना चाहिए । देखा जाए तो व्रत करना हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है । कहा जाता है कि व्रत करने से हमारे शरीर की सफाई हो जाती है और उसे सुचरू रूप से चलने मे मदद मिलती है । लेकिन डॉक्टरों के अनुसार बहुत सी बीमारियाँ ऐसी हैं जिनसे पीड़ित लोगों को व्रत या उपवास नहीं करना चाहिए । 1 * जिनकी अभी हाल ही मे कोई सर्जरी हुई हो उन लोगों को व्रत नहीं करना चाहिए । 2 * डायबिटीज़ और हाइपर टेंशन के मरीजों को भी डॉक्टरों के अनुसार व्रत करने की मनाही है । 3 * एनीमिक यानि खून की समस्या से जूझ रहे लोगों को व्रत से दूरी बनानी चाहिए । 4 * दिल, किडनी, फेंफड़े और लिवर की बीमारी से पीड़ित लोग भी व्रत न करें तो अच्छा है । 5 * जो लोग मेहनत का काम करते हैं उन्हें भी व्रत नहीं करना चाहिए । 6 * गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी व्रत ना करें ।

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नवरात्र में मुराद हो होगी पूरी, बस यह रखें याद

नवरात्र में मुराद हो होगी पूरी, बस यह रखें याद

चैत्र नवरात्र का पावन पर्व 6 अप्रैल से आरंभ हो रहा है । इस पर्व के आते ही सारा वातावरण भक्तिमय हो जाता है । चारों ओर माँ के जयकारे गूंजने लगते हैं , और माँ के भक्त माँ की भक्ति के रंग मे सराबोर हो जाते हैं । सभी अपनी-अपनी श्राद्धधा से पूजा-पाठ, हवन आदि करते हैं । लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दिनों माँ कि आराधना का एक अलग ही विधान और नियम होते हैं और अगर हम उउ नियमों के अनुसार माँ कि पूजा करते हैं तो माँ हम पर अधिक प्रसन्न होती हैं और हम पर हमेशा अपनी कृपा बनाए रखती हैं । जानिय कुछ ऐसे नियमों के बारे मे जो माँ कि पूजा करते समय हमें ध्यान मे रखने चाहिए। 
1 * दिशा निर्धारण ** माँ दुर्गा कि पूजा करते समय दिशा का बहुत ध्यान रखना चाहिए। ऐसी मान्यता है हर देवी देवता कि अपनी एक दिशा होती है और उनकी पूजा करते समय उस दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए । धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी-देवताओं कि पूजा उसी दिशा मे करनी चाहिए जो उन के लिए निर्धारित है । 
2 * भक्त के लिए दिशा ** भक्तों को माँ दुर्गा कि पूजा दक्षिण दिशा मे करनी चाहिए। माना जाता है कि पूजा करते समय भक्त का मुह दक्षिण या पूएव दिशा मे होना चाहिए। तो बहुत फलदायी होता है। 
3 *माँ दुर्गा के पसंदीदा रंग ** धार्मिक आस्था के अनुसार माँ दुर्गा को कुछ रंग बहुत ही पसंद हैं । माँ दुर्गा के पसंदीदा रंगों कोइस दौरान पूजा घर मे ज़रूर रखना चाहिए ये रंग है, लाल, हल्का पीला, गुलाबी औए हरा ।
4 * स्वास्तिक ** नवरात्र मे माँ के सामने स्वास्तिक भी ज़रूर बनाना चाहिए । ये स्वास्तिक सिंदूर या हल्दी से बनाना चाहिए कहते हैं सिंदूर या हल्दी से स्वास्तिक बनाने से पॉज़िटिव एनर्जी आती है और माँ दुर्गा प्रसन्न होती हैं । 
5 * जोत जलाना ** नवरात्र मे सबसे म्हत्वपूर्ण है माँ कि जोत जलाना। ये जोत पूरे 9 दिन तक जलती है। प्रयास ये करना चाहिए कि ये जोत 9 दिनों के दौरान बुझनी नहीं चाहिए । 
6 * जवारों का महत्व ** माँ दुर्गा कि पूजा मे जवारों का भी बहुत महत्व है । नवरात्र के पहले दिन ये जवारे बोये जाते हैं और पानी सींच कर इन्हें 9 दिनों तक बड़ा किया जाता है। 
7 * कलश स्थापना ** नवरात्र मे कलश स्थापना का भी बहुत अधिक महत्व है । दुर्गा पूजा को पूर्ण बनाने के लिए कलश कि स्थापना कि जाती है । कलश कि स्थापना के ही दुर्गा पूजा पूर्ण होती है औए मान्बांछित फल कि प्राप्ति होती है।

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करवाचौथ का व्रत

करवाचौथ का व्रत

#करवाचौथ... चौथ माता की प्रतिमा स्थापित करें
 प्रातिम पर फूल माला रोली चावल चढ़ाएं 
देसी घी का दिया जलाएं 
चौथ माता की प्रतिमा के आगे करवा में जल और अनाज भरकर रखें
चौथ माता की पूजा करें 
 घर की किसी वृद्ध सुहागिन से कथा सुने । 
 अपनी सहेलियों के साथ मेहंदी लगाएं
 अपनी सहेलियों के साथ तंबोला खेल सकते है
आप कोई मूवी भी देख सकते हैं 
अंताक्षरी भजन कीर्तन भी कर सकते हैं

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