तन्हा तन्हा शिवराज

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<नेता...जिसके साथ के लिए मांगा करते थे मन्नते । 
एक अदद फ़ोटो के लिए जमा होते थे सैकड़ों समर्थक । 
आने पर बन जाता था जबरदस्त माहौल । 
भाषण के दौरान बंद न होती थी ..तालियों की गड़गड़ाहट...।
आज वो आता है तन्हा तन्हा नज़र । 
चुनाव प्रचार के दौरान अकेले शिवराज । 
अपनों ने भी काटी कन्नी ।
अलग थलग पड़े शिवराज । 
आम लोगों के बीच भी कमजोर हुआ जादू । 
विधानसभा चुनाव के बाद बदले हालात । 
उफ़्फ़ ..ये हैं पॉवर गेम का मसला

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