बेखौफ माफ़िया.. बेसुध 'सरकार'

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मप्र को रेत प्रदेश करार दिया जाए तो शायद गलत न हो । नदियों की छाती छीलकर खनन माफिया खुलेआम चांदी काट रहा है । शिव के राज में भी खनन माफिया के हौसले काफी बुलंद थे तो नाथ राज में भी रेत के काले सौदागरों के जलवों में कमी न आई । हालात ये हैं कि सरकारी अमले को धमकाने,रसूख दिखाने से भी नही चूकते । कई हिस्सों में तो खनन माफिया ईमानदार अफसरों की जान का दुश्मन बन गया । बीते विधानसभा चुनाव में ये मुद्दा तब विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने जमकर उठाया लेकिन सत्ता झोली में गिरते ही... यह मुद्दा लाभ के बस्ते में सिमट कर रह गया... ताज़ा घटनाक्रम भोपाल से सटे जिले सीहोर का है । छिदगांव क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना पर सीहोर एसडीएम बृजेश सक्सेना एवम माइनिंग विभाग के अफसर कार्रवाई करने पहुंचे । कार्रवाई की खबर जैसे ही खनन से जुड़े आकाओं तक पहुँची तो छटपटा कर कुछ लोग विरोध का परचम लहरते हुए प्रशासनिक अमले के सामने आकर डट गये । गर्मागर्म बहस के साथ दबाब बनाने का सम्भव प्रयास किया गया लेकिन अफसरान को फ़र्ज़ निभाने से न रोक पाये । भारी मात्रा में रेत के साथ 13 ट्रेक्टर ट्रॉली को जब्त कर लिया गया । नाथ जी....वादे याद कीजिये...आपकी मेहरबानी की आस में नर्मदा की आंखे आपकी ओर एक टक लगी हैं ..। लेकिन फिलहाल तो ऐसा लगता है कि शायद अवैध खनन ऐसा विषय है.. विपक्ष में हो तो वोट बटोरने का और सत्ता में हो तो नोट बटोरने का

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