छापों में छुपी कहानी कही यह तो नही ?

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मध्यप्रदेश : मप्र में आजकल इन्कमटेक्स कार्रवाई की चर्चा हर जुवान पर है | शनिवार को जब सब कुछ शांत था लेकिन समीकरणों ने करवट बदले मुख्यमंत्री कमलनाथ के अगल और बगल यानी निजी सचिव और ओएसडी इनकमटैक्स की पाश में फंसे छटपटा रहें थे  । क्या वाकई जो हम समझ रहें है वही कहानी है या फिर अंदर ही अंदर कुछ और पक रहा है | क्या मसला सिर्फ काली कमाई से जुड़ा है या फिर कोई और जुगलबंदी है 
कांग्रेस का कहना है कि यह भाजपा की बौखलाहट है तो भाजपा खुद इसे एक भ्रष्ट्राचार के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम करार दे रही है । 
लेकिन इस मसले में काफी पेंच है । अचानक आयकर विभाग द्वारा कार्रवाई की जाती है । कार्रवाई मुख्यमंत्री के दो खासमखास पर होती है । बड़ी नगद राशि भी वरामद होती है । 
क्या ये एक खेल का हिस्सा है ?
क्या इस खेल में कांग्रेस का कोई बड़ा चेहरा भी शामिल है ?
क्या  कमलनाथ को कमज़ोर करने के लिए किसी कांग्रेसी नेता ने ही मोदी से गटपट कर ली ।
दरअसल एक नेता जी के बारे में कहा भी जाता है कि वे हैं तो कांग्रेस के  नेता लेकिन कई ऐसे मौके आये जब वे बीजेपी की ओर से खेल गये । अक्सर उनके 
रसूख गजब का है पार्टी में लेकिन विधानसभा चुनाव में कमलनाथ ने फतह हासिल कर  अपने आपको और मजबूती दे दी । 
मुख्यमंत्री बने,मंत्री भी अपने हिसाब के और विभाग बंटवारे में भी उनके फैसलों को तरजीह मिली । 
बनते समीकरणों के बीच कमल बाबू ने एक कांटे को मप्र की सीमा पार भेज दिया तो दूसरे को अपने दाव में उलझा कर भाजपा के गढ़ वाली सीट पर फंसा दिया ।
वो भी खिलाड़ी हैं । हर दाव और चाल को समझते हैं ...लिहाजा अपनी गोट जमा दी । 
सुनिये...इशारों ही इशारों में नेता जी साफ कर दिया कि कार्रवाई के दौरान मिला धन चुनाव के लिए हो सकता है । 
तय है भोपाल सीट कांग्रेस के पाले में...कमलनाथ भले ही गुणा भाग करके अपने वजीरों को बचा लें लेकिन उनकी सरकार पर लगा दाग.उन्हें कमज़ोर करेगा । 
आयकर की कार्रवाई में काली कमाई  सामने आएगी वो तो ठीक लेकिन जो सियासत के खेल का अगला दांव क्या होता है  ... या देखना बेहद दिल्च्स्प होगा

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